
विस्तार के लिए दत्ताजी का समय प्रतिकूल था। यह प्रतिकूल परिस्थिति काम के संवर्धन के लिए अनुकूल थी। लेकिन आज हमारा काम और कठिन हो गया है। क्योंकि वर्तमान समय संघ के विचार विस्तार के लिए हानिकारक कारक है। सरसंघ संचालक डॉ•मोहन भागवत दत्ताजी डिडेलकर के जन्म शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम मे बोल रहे थे। इस कार्यक्रम मे अंजनगांव सुरजी देवनाथ मठ के स्वामी जीतेन्द्र महाराज , एवीबीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ• राजशरण शाही, जन्म शताब्दि समिति के अध्यक्ष केंद्रीय राजपरिवहन मंत्रि नितिन गडकरी जी मौजूद रहे। डा• मोहन भागवत ने कहा कि आज समाज द्वारा थोपी गई अनुरूपता है, इसलिए हमे इसके साथ चलना होगा। आज रास्ता अनुकूल है। सरसंघ संचालक ने अपील की कि हमे और अधिक मजबूती के साथ काम करना होगा। केवल लोकप्रियता और संसाधनो पर निर्भर रहने भर से हमे सफलता नही मिलने वाली है। डा•भागवत ने कहा कि आज परिस्थितियां बदल गई है, समाज की स्थिति बदल गई है लेकिन दत्ताजी ने जो दिशा हमे दिखाई थी वह नही बदली है।















